ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव सईद जलीली ने तेहरान के प्रति अमरीका की गाजर और छड़ी की नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि ईरान के परमाणु मुद्दे को हल करने हेतु वार्ता के लिए वाशिंगटन के पास आवश्यक तार्किक नीति का अभाव है।सोमवार को तेहरान में ट्युनीशियाई उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्री मुन्सिफ़ बिन सलेम के साथ मुलाक़ात में जलीली ने उल्लेख किया कि अमरीका, वार्ता के निमंत्रण के साथ साथ दबाव का सहारा लेता है कि जो वाशिंगटन सरकार की कमज़ोर एवं तर्कहीन नीति को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि ईरान और गुट पांच धन एक के बीच जून में रूस की राजधानी मॉस्को में होने वाली बहुपक्षीय बातचीत के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशा है कि चीन, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, अमरीका और जर्मनी ईरान के साथ वार्ता की मेज़ पर तेहरान के प्रस्तावों का तर्कसंगत जवाब देंगे।इसी प्रकार जलीली ने कहा कि ईरान के प्रस्तावों के जवाब गुट पांच धन एक द्वारा छह महीने की देरी के लिए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।ग़ौरतलब है कि शनिवार को अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने तेहरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के बारे में वाशिंगटन और तेहरान के बीच द्विपक्षीय वार्ता के लिए तत्परता व्यक्त की थी।अमरीकी विदेश मंत्री यह बयान ऐसे समय में आया है कि जब शुक्रवार को अमरीकी सीनेट ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके विरुद्ध नए प्रतिबंध लगा दिये।नए प्रतिबंधों में ईरान के ऊर्जा क्षेत्र, बंदरगाहों, जहाज़रानी और जहाज़ निर्माण क्षेत्र, ईरान की सरकारी प्रसारण संस्था (IRIB) सहित उसके प्रमुख को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। .........166
2 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 369466
ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव सईद जलीली ने तेहरान के प्रति अमरीका की गाजर और छड़ी की नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि ईरान के परमाणु मुद्दे को हल करने हेतु वार्ता के लिए वाशिंगटन के पास आवश्यक तार्किक नीति का अभाव है.......